कारवा
मै चलती रही
मेरे पिछे कारवा चलता रहा
एक एक कसम लेते, लेते,
एक एक कसम छुटती गयी
पिछे देखनी की अनुमती
ना तुने दी
ना मैने ली ....
पिछे क्या क्या छुट गया
मेरा घर ,मेरा परिवार
मेरा गांव, गांव की यादे
मेरा प्यार.......
जो ना कभी मिलनेवाला था,
रूकने का ना ठिकाना था
मेै चलती गयी
मेरे पिछे कारवा चलता रहा....
Varsha patill.©®
9819406813
Bsc DMLT.
Uran
3/2/20
1:10pm
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