सिलसिला
मेरे आँखो ने बोलना
सुरू कियाऔर
कब होठों ने
चूप्पी सादी
पताही नही चला,
वो सिर्फ मुस्कूराने लगे,
मेरा हौसला बुलंद हो गया
क्योंकी, आँखो के इशारो से
हांथो ने प्यार का गीत लिखना
सुरू किया...
इतनेमें दिल ने धडकना सुरू किया
और दिमागने तरकिबे सोचना
और वहाँसे प्यार का
सिलसिला शुरू हो गया. .
Varsha patil.
12/9/20
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