इजाजत

 वो यादें जिसे हम 

भूला नही सकते,

वो अतित

जिसे हम ठुकरा 

नहीं सकते

वो लम्हे ं जो 

आप हमें

नजाकत मे दे

जाते हो

वो बार बार 

हमारे दरवाजे पे

दस्तक देती  है, 

ना जिने देती है

ना उन्हें अपनानें

की इजाजत देती है


वर्षा प्र पाटील ©®


वर्षा प्र पाटील©®

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